रसोईविज्ञान

सर्वे भवन्तु सुखिनः ।सर्वे सन्तु निरामयाः ।सर्वे भद्राणि पश्यन्तु ।मा कश्चित् दुःख भाग्भवेत् ॥

सभी सुखी होवें, सभी रोगमुक्त रहें, सभी का जीवन मंगलमय बनें और कोई भी दुःख का भागी न बने।हे भगवन हमें ऐसा वर दो!

रसोई विज्ञान एक मानव के लिए एक वरदान साबित होता है जैसा कि हम देखते हैं छोटी-छोटी से लेकर बड़ी बड़ी बीमारी आसानी से ठीक किया जा सकता है

हम नहीं हमारे आयुर्वेद के हमारे आयुर्वेदाचार्य होते हैं सरल औषधियों का प्रयोग करके जैसे जीरा अजवाइन सौंफ मुलेठी आदि गरम मसाले का प्रयोग कर कर बीमारियों से निजात दिला देते

इस सब बातें बहुत सी किताबे उल्लेख किया गया है जैसे मसालों का चमत्कार घर का वैध आदि कई किताबें लिखी गई है आज हम मॉडर्न युग के हो गए जिसे हम अपनी विज्ञान भूलते जा रहे हैं

जहां तक हम यादें है रोजाना शरीर में मालिश करना काजल लगाना और आदि ऐसे कार्य किए जाते थे जो हमारी सेहत और स्वास्थ्य पर अच्छा असर पड़ता था लेकिन आज के टाइम में हम अपनी सेहत को भूलते जा रहे हैं और स्वाद के पीछे भागते जा रहे हो