लिंग परिवर्तन (samlingi)

आजकल हम जो खा रहे हैं।samlingi, हमारे हार्मोन को डिस्टर्ब हो रहे हैं।मेल (पुरुष) को लगता है कि मैं अंदर से फीमेल(औरत) हूं और फीमेल को लगता है कि अंदर से मेल हूं ।मेरा प्रश्न है ,आयुर्वेद में इसेसे बचने के लिए क्या उपाय है। ऐसा क्या करें ,आगे चलकर इस समस्या ना हो क्या करे

लिंग परिवर्त(samlingi) क्यू होता है

चरक संहिता के सूत्र स्थान १०या 15 भाग के बीच में वर्णन किया गया है। इसका कारण यह है, यदि अधिक मात्रा में मांस का सेवन करते हैं ।बकरे का मांस मांस मांस कोई भी हो, अगर अधिक सेवन करते हैं तो उनके बच्चों के ये गुण पाया जाता है और जो स्त्रियां अधिक मात्रा में अंग का प्रदर्शन करती।

हैं यदि किसी व्यक्ति ने पेशाब किया है दूसरा व्यक्ति जाकर इस पर पेशाब करता है ।और जो 18 प्रकार के विरुद्ध आहार का सेवन करते हैं ।और अत्यधिक मात्रा में कटु रस का आदि सेवन करते हैं ,और अम्ल एवं लवण सेवन करते है

यदि सूर्यास्त के एक पहर तक नहीं सोने जाते हैं। और ब्रह्म मुहूर्त में यदि नहीं जगते हैं ।सभी के साथ हंसी मजाक करते हैं ,यदि किसी के आदर्श सम्मान के साथ बात नहीं करते हैं, और किसी सामने से आदर करते हैं और पीठ पीछे बुराई करते हैं तो यह उनके आने वाले पीढ़ी के बच्चे के ऊपर प्रभाव डालता है

और जो अधिक मात्रा में हस्थमैथुन करते हैं ।ब्रह्मचर्य का पालन नहीं करते हैं भौतिक सुख सबसे बड़ा सुख यह जो ऐसा करके गुदा मैथुन यानी मिथुन हस्तमैथुन हस्तमैथुन या मानसिक मात्रा में अधिक महत्व करते हैं यह विचार करते रहते हैं यह सोशल मीडिया के द्वारा हमारा ब्रह्मचर्य खंडित होता रहता है।

जितने हमारे मनु संहिता से लेकर चरक संहिता है जितने सारे ग्रंथ हैं चंद्रायण व्रत, गायत्री मंत्र, विष्णु शास्त्र का जाप, शिव जी का दर्शन नहीं करते यह सब चरक संहिता में बताए गए हैं आप का मन विकृत होता है

लिंगपरिवर्तन(samlingi) उपचार

  • जो सूर्य उदय के पूर्व उठकर ,अपने नाक से दो सेर ताजा पानी पीता है। इससे शरीर आपका मन सही रहता है यदि आपके मन में विकृति हैं तो ठीक हो जाएगा धीरे-धीरे ठीक हो जाता है।
  • यदि कोई भी भोजन करते हैं आप अपने भोजन के साथ में कच्चा प्याज चबा-चबाकर खाने से आपकी मान जो विकृत रहते हैं वह ठीक हो जाता है ( जो महिला पुरुष का अनुभूति होती है और पुरुष को महिला की अनुभूति होती है उनके लिए कारगर सिद्ध उपाय है)
  • तीन चार तीन चार कली लहसुन लोहे के तवा में घी में भूनकर सेवन करते हैं तो सुबह सुबह खाना है और ऊपर से गर्म पानी पीते हैं (लहसुन की काली को चबा-चबा कर खाना है)
  • अश्वगंधा चूर्ण+वृद्धद्धारक चूर्ण रात में सोने से पहले एक चम्मच या सुबह खाना खाने के बाद एक चम्मच चुने लेना है (जो मोटे हैं वह पानी से ले और जो पतले हैं वह दूध से ले) खाली पेट में लेना)
  • सोमवार तथा गुरुवार के रात में खीर का सेवन करने से मन की विकृति दूर होता है हफ्ते में एक ही बार सेवन करना चाहिए
  • काकड़ासिंगी हमारा मन को शुद्ध करता है जिसे हम हिस्टीरिया बोलते है १ग्राम सेवन करने से ठीक हो जाता है ६महीना सेवन करने करना चाहिए।
  • विदारीकंद ( हमारे शरीर को विजत्तीय तत्व को दूर करता है मन शरीर)विदारीकंद का फल लाना है उसके रस निकालना है और विकारीकांड के चूर्ण में भावना देना है सात बार भावना देना है ।सुबह शाम सेवन करना है या सूर्योदय के पहले सेवन करे।
  • ( पीला फूल होता है)कनेर का छाल ५००ग्राम +५किलो दूध उबाले जब आधा दूध बचे
  • पोस्ता के दाना २१गिनकरपावडर बनाके सब्जी या दाल के सेवन करने से ठीक हो जाता है
  • काला धतूरे का पत्ते का रस शहद किसके साथ सेवन करने से ठीक हो जाता है
  • जो गंजा होता है 15 दिन में 1 ग्राम का सेवन करते हैं तो जो मन में विचार आता है वह ठीक हो जाता है
  • घोड़ा वंश सफेद खाना खाने के बाद एक-एक ग्राम चबा खाना चाहिए- खाने से ठीक हो जाता है

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