शरीर में ऊर्जा बनाए

शक्तिवर्धक भोजन

किसी भी व्यक्ति को जब कोई रोग हो जाता है तो उसके कुछ दिनों के बाद वह कहता है कि मुझे बहुत कमजोरी सी लग रही है। लेकिन कोई स्वस्थ व्यक्ति भी अगर थोड़ी दूर पैदल चल लेता है या कोई भारी काम करता है तो वह भी बोलता है कि वह थक गया है। अब तो मुझे कमजोरी दूर करने वाली और ताकत बढ़ाने वाली दवा लेनी पड़ेगी। ये कुछ न होकर लोगों की एक दिमागी सोच बन गई है कि चिकित्सा में कोई ऐसी औषधि भी होनी चाहिए जिससे कि शरीर में ताकत बढ़ जाए। परन्तु ऐसी औषधि बस थोड़े समय तक ही अपना असर दिखाती है। यह नशे की तरह थोड़े समय के लिए ताकत को बढ़ाकर अपनी क्रिया को समाप्त कर देती है।
           
मनुष्य सिर्फ अपने खाने वाले भोजन के सहारे ही जिंदा रहता है। अगर उसी भोजन को सही तरीके से और पौष्टिकता के आधार पर किया जाए तो वह ही किसी भी व्यक्ति के लिए ताकत बढ़ाने वाला साबित हो सकता है।

ताकत बढ़ाने वाले पदार्थ-

1. नींबू-

1 नींबू को 1 गिलास गर्म पानी में (बिना नमक या चीनी मिलाएं) निचोड़कर पीने से पूरे शरीर में एक नई ताकत सी पैदा हो जाती है। इससे आंखों की रोशनी तेज हो जाती है, दिमागी कमजोरी, सिर में दर्द रहना आदि रोग समाप्त हो जाते हैं। इसको पीने से किसी भी काम को करने से जल्दी थकान नहीं होती है।

6 मुनक्के, 6 बादाम, 40 ग्राम किशमिश और 6 पिस्तों को रात में करीब आधा लीटर पानी में डालकर किसी कांच के बर्तन में भीगने के लिए रख दें। सुबह इन सबको पीसकर और छानकर इसमें 1 चम्मच शहद और 1 नींबू को निचोड़कर खाली पेट पीने से दिमागी और शारीरिक थकान दूर हो जाती है। ये इन्द्रियों की ताकत बढ़ाने का भी एक बहुत ही नायाब नुस्खा है।

किसी कांच के गिलास में लगभग 3 चौथाई तक अजवाइन को भर दें। फिर इसमे नींबू का रस भरकर इसके मुंह पर कपड़ा डालकर धूप में रख दें। जब इसके अन्दर का नींबू का रस सूख जाए तो इसे दुबारा नींबू के रस से भर दें और धूप में ही पड़ा रहने दें। इस तरह से इसमें लगभग 7 बार नींबू का रस भरकर अजवाइन को सुखा लें। फिर इस सुखाई हुई अजवाइन को कांच की बोतल में भर दें। रोजाना चौथाई चम्मच इस अजवाइन की फंकी लेने से शरीर में ताकत बढ़ जाती है तथा यौन शक्ति में भी बढ़ोतरी होती है। इस अजवाइन का सेवन करने के दौरान दूध और घी का सेवन भी करते रहना चाहिए।

2. मौसमी- मौसमी का रस दिमाग, जिगर और भोजन पचाने की क्रिया को ताकत देता है। इस रस को पीने से खाया हुआ भोजन शरीर में लगता है और शरीर में ताकत बढ़ती है। बुखार और काफी पुराने रोगों में मौसमी का रस पीने से रोगी को कमजोरी महसूस नहीं होती है। इसके द्वारा रोगी के शरीर से रोगों का जहरीला पदार्थ बाहर निकल जाता है। इसका रस कई दिनों तक पीते रहने से दस्त प्राकृतिक रूप में आने लगते हैं। कब्ज, सिरदर्द, काम करने में मन न लगना, कोई सा भी काम करने पर थक जाना, रात को नींद न आना आदि रोग दूर हो जाते हैं। इससे नई चुस्ती और फुर्ती आ जाती है।

3. सेब- सेब में `मैलिक एसिड होता है। यह खटाई आंतों, जिगर और दिमाग के लिए लाभकारी है। इसके अन्दर फॉस्फोरस होता है यानी कि जलन पैदा करने वाला पदार्थ जिसे खाने से पेट साफ रहता है और आमाशय मजबूत बनता है। सेब और सेब के रस में काफी मात्रा में खनिज पदार्थ होते हैं। सेब के 2 छोटे-छोटे टुकड़ों को लगभग आधा सेर पानी में डालकर रख दें। जब यह पानी ठंडा हो जाए तो इसमें सेब के टुकड़ों को मसलकर और छानकर उस पानी को पी लें। अगर इसमें स्वाद बढ़ाना हो तो चीनी की जगह मिश्री डालकर पी सकते हैं। यह सेब का बहुत ही पौष्टिक और स्वादिष्ट शर्बत होता है। यह खून में मिलकर दिल, दिमाग, जिगर और शरीर के हर भाग में चुस्ती-फुर्ती पैदा करता है। सेब के रस को पीने से दिल को ताकत मिलती है, आंखों की रोशनी तेज होती है। यह शरीर के अन्दर से खून के अन्दर के जहरीले पदार्थों को बाहर निकालकर व्यक्ति को हष्ट-पुष्ट बनाता है। जो लोग चाहते हैं कि वे हमेशा ताकतवर और सुन्दर बने रहें उनको रोजाना सेब का रस पीना चाहिए। खाली पेट सेब खाने से शरीर की गर्मी और खुश्की समाप्त हो जाती है। सेब का मुरब्बा दिल, दिमाग और आंखों की कमजोरियों को दूर करता है। रोजाना सुबह उठते ही खाली पेट सेब खाकर अगर उसके ऊपर से दूध पी लिया जाए तो सिर्फ 1-2 महीने में ही चेहरा लाल हो जाता है और यौन सम्बंधी कमजोरियां दूर हो जाती हैं। 2 सेब रोजाना खाने से चमड़ी के रोग, गठिया, हड्डियों की सूजन, सांस की नली के रोग आदि समाप्त हो जाते हैं।

4. पपीता- पपीता अगर देखकर लिया जाए कि वह अच्छी तरह से पका हुआ है या नहीं तो ठीक है क्योंकि अच्छी तरह से पका हुआ पपीता ही सबसे ज्यादा गुणों वाला होता है। सुबह उठते ही खाली पेट पपीता खाना सबसे ज्यादा गुणकारी होता है। इसके बाद दोपहर का भोजन करने के बाद पपीता खाने से भोजन आसानी से पच जाता है। शाम को 5-6 बजे भी पपीते को नाश्ते के रूप में खाया जा सकता है। पपीते में मिलने वाला एन्जाइम कठोर मांस-तंतुओं और रोग के कीटाणुओं को समाप्त कर देता है। पपीता टी.बी. रोग के कीटाणुओं को बिल्कुल समाप्त कर देता है। पपीते को खाने से खून को बहाने वाली नसें कठोर नहीं होती हैं और रक्तसंचार सही तरीके से काम करता है। दिल के रोग में भी पपीता खाने से लाभ होता है। स्वस्थ जीवन जीने की राह में पपीता खाना बहुत ही लाभदायक है।

5. आम- रोजाना आम खाने से शरीर के अन्दर खून काफी मात्रा में बनता है। इससे जिन लोगों का शारीरिक वजन कम होता है वह बढ़ जाता है। आम खाने से पेशाब खुलकर आता है, शरीर में चुस्ती-फुर्ती पैदा होती है। आम का मुरब्बा खाना भी काफी लाभकारी होता है। शरीर में ताकत बढ़ाने के लिए रोजाना भोजन करने के बाद आम खाना लाभकारी होता है।

6. अंगूर- कमजोर व्यक्तियों के लिए रोजाना ताजे अंगूरों का रस पीना काफी लाभकारी सिद्ध होता है। अंगूर शरीर में खून को बनाता है और उसे पतला भी करता है। इससे शरीर मोटा-ताजा हो जाता है। रोजाना दिन में 2 बार अंगूर का रस पीने से भोजन पचाने की क्रिया तेज हो जाती है, कब्ज का रोग समाप्त हो जाता है, पेट में गैस नही बनती। अगूंर का रस सिरदर्द, बेहोशी, चक्कर आना, छाती के रोग तथा टी.बी. के रोग में लाभकारी है। यह खून की खराबी को भी दूर करता है। अंगूर का सेवन करने से शरीर मे मौजूद जहर बाहर निकल जाता है। यह स्त्रियों के श्वेतप्रदर के रोग में भी काफी लाभकारी है। अंगूर खून में आयरन की मात्रा को बढ़ाता है।

7. केला- भोजन करने के बाद केला खाने से शरीर में ताकत बढ़ती है और मांसपेशियां मजबूत होती हैं। केला वीर्य और शुक्राणुओं को बढ़ाने वाला है। यह आंखों के रोगों को दूर करता है। केला किसी तरह का फल नहीं है, इसे रोटी की जगह भी खाया सकता है। ताजा केला सबसे अच्छा है। एक समय में ज्यादा से ज्यादा 3 केले खाने चाहिए लेकिन थोड़ा सा घी लगाकर। सुबह दो केलों को खाकर ऊपर से दूध पीने से शरीर में ताकत बढ़ती है। इसी तरह से संभोग करने के बाद केला खाने से शक्ति बढ़ती है।

8. मुनक्का-

सर्दियों के मौसम में रोजाना मुनक्का खाने से स्वास्थ्य अच्छा रहता है।

रात को सोने से पहले 20 मुनक्कों को गर्म पानी से धोकर पानी में भिगोकर रख दें। सुबह उठते ही जिस पानी में मुनक्के भीगे हुए हो उस पानी को पीकर मुनक्कों को खा लें। इस तरह रोजाना मुनक्कों को खाने से शरीर की कमजोरी दूर हो जाती है। इससे शरीर में खून की मात्रा बढ़ जाती है और ताकत भी पैदा होती है। फेफड़ों को ताकत मिलती है।

सर्दियों में 250 मिलीलीटर दूध में 20 मुनक्कों को डालकर उबाल लें। फिर इन मुनक्कों को खा लें और उस दूध को पी लें। सर्दियों के मौसम में रोजाना दूध और मुनक्का सेवन करने से बुखार के कारण आई हुई शारीरिक कमजोरी समाप्त हो जाती है। इससे पुराना बुखार भी उतर जाता है।

6 मुनक्के, 6 बादाम, 25 किशमिश और 2 अंजीर को रात में सोने से पहले एक कांच के बर्तन में इतना पानी डालकर भिगो लें कि ये सारे पानी को सोख लें। सुबह इन सब चीजों को खाने के बाद बचे हुए पानी को पीने से कमजोर व्यक्ति की कमजोरी दूर हो जाती है और वह ताकतवर बन जाता है।

9.  आंवला-

आंवले का मुरब्बा रोजाना खाने से शरीर में ताकत पैदा होती है। यह गर्भवती स्त्रियों के लिए बहुत ही लाभकारी है। एक आंवला शरीर में एक अण्डे से ज्यादा ताकत बढ़ाता है। इसके सेवन से दिल में घबराहट होना, तिल्ली का रोग, ब्लडप्रेशर का रोग आदि दूर हो जाते हैं।

आंवला का सेवन करने से हर तरह के रोग दूर होते हैं। आंवला का सेवन करने से बूढ़ों में भी जवानों जैसी ताकत पैदा हो जाती है।

आंवला का नियमित सेवन करने से वीर्य की कमजोरी समाप्त हो जाती है।

1 चम्मच पिसे हुए आंवले को लगभग 2 चम्मच शहद में मिलाकर चाटने से और ऊपर से दूध पीने से स्वास्थ्य अच्छा बना रहता है।

2 चम्मच पिसा हुआ आंवला, 1 चम्मच देशी घी और 3 चम्मच शहद को एकसाथ मिलाकर कुछ सप्ताह तक रोजाना खाने से बदसूरत व्यक्ति भी सुन्दर हो जाता है।

गर्मियों के मौसम में दिल घबराना, धूप में चक्कर आना आदि परेशानियों में आंवले का शर्बत पीने से लाभ होता है।

दिल की तेज धड़कन को सामान्य बनाने के लिए आंवले का मुरब्बा खाना उपयोगी होता है।

किसी भी व्यक्ति को रोजाना कम से कम 50 मिलीग्राम विटामिन सी´ की जरूरत पड़ती है और आंवले में सबसे ज्यादा मात्रा में विटामिनसी´ पाया जाता है। लगभग आधा लीटर आंवले के रस को रोजाना पीने से शरीर में विटामिन `सी´ की जरूरत पूरी हो जाती है।

गुणों की दृष्टि से एक आंवला लगभग 2 संतरों के बराबर होता है।

आंवला के सेवन से दांत और मसूढ़े स्वस्थ बनते हैं और शरीर में रोगों से लड़ने की ताकत पैदा होती है।

घर में सब्जी आदि बनाते समय आंवला को खटाई के रूप में डालने से उसका स्वाद बढ़ जाता है।

आंवले की चटनी बनाकर खानी चाहिए।

आंवले के रस में शहद को मिलाकर शर्बत की तरह पीएं।

आंवले का अचार या मुरब्बा बनाकर खाना लाभकारी होता है।

अगर कोई स्वस्थ व्यक्ति भी रोजाना आंवले का सेवन करता रहे तो उसके शरीर की सारी शारीरिक क्रियाएं अच्छी होकर उसका स्वास्थ्य अच्छा बना रहता है।

10. अनन्नास-

अनन्नास दिल की घबराहट को समाप्त कर देता है। यह बढ़ी हुई प्यास को शान्त कर देता है। अनन्नास शरीर को मजबूत बनाकर तरोताजगी पैदा करता है।

अनन्नास शरीर में कफ की मात्रा को बढ़ाता है लेकिन खांसी-जुकाम को नहीं होने देता।

सुबह खाली पेट अनन्नास खाने से भोजन पचाने की क्रिया तेज होती है।

अनन्नास का शर्बत पीने से पेट की गर्मी दूर हो जाती है, पेशाब काफी मात्रा में आता है। इसी कारण से डाक्टर पथरी होने पर अनन्नास का शर्बत पीने की राय देते हैं।

अनन्नास का सेवन करने से दिल और दिमाग को ताकत मिलती है।

*11. अमरूद-

100 ग्राम अमरूद में 300 मिलीग्राम से लेकर 450 मिलीग्राम विटासिन `सी´ पाया जाता है।

अमरूद का सेवन करने से दिल को ताकत मिलती है और शरीर में चुस्ती-फुर्ती पैदा होती है।

अमरूद बढ़ी हुई प्यास को कम करता है और दिमाग को तेज करता है।

12. खजूर:

रोजाना खजूर खाने से आमाशय और दिल को ताकत मिलती है।

रोजाना खजूर का सेवन करने से शरीर में खून की मात्रा बढ़ जाती है और शरीर में मोटापा भी बढ़ता है।

खजूर को खाने से व्यक्ति की संभोग करने की शक्ति बढ़ जाती है।

13. टिंडा- टिंडा शरीर को ताकत देता है और दिमाग को तेज करता है।

14. गाजर- आधा गिलास गाजर का रस और आधा गिलास दूध को एकसाथ मिलाकर उसमें स्वाद के मुताबिक शहद मिलाकर रोजाना पीने से शरीर में खून बढ़ता है और कमजोरी भी दूर हो जाती है।

15. छुहारा- छुहारे में काफी ज्यादा मात्रा में कैल्शियम पाया जाता है। छुआरे खाकर उसके ऊपर गर्म-गर्म दूध पीने से शरीर में कैल्शियम की कमी के कारण होने वाले रोग जैसे- हड्डियों का कमजोर होना, दांतों का हिलना आदि दूर हो जाते हैं और इससे व्यक्ति का स्वास्थ्य भी अच्छा रहता है।

16. बबूल-   बबूल एक जंगली और कांटे वाला पेड़ होता है। बबूल की गोंद को घी में भूनकर इसके लड्डू बनाकर गर्भवती स्त्री को रोजाना खिलाने से उसके शरीर में ताकत पैदा होती है।

17. तुलसी-

सुबह उठते ही तुलसी के 5 पत्ते लेकर पानी के साथ निगलने से याद्दाश्त तेज होती है और शारीरिक ताकत बढ़ती है।

रोजाना 8 बून्द पानी में तुलसी का रस मिलाकर पीने से शरीर की मांसपेशियां और हडि्डयां मजबूत बन जाती हैं।

तुलसी के बीजों को दूध में डालकर उबाल लें। फिर इसमें शक्कर मिलाकर पीने से शरीर में शक्ति बढ़ती है।

18. शकरकंदी-

रोजाना शकरकंदी खाने से शरीर में खून की मात्रा बढ़ जाती है और शरीर मोटा-ताजा बनता है।

शकरकंदी का सेवन करने से यौनशक्ति बढ़ जाती है।

शकरकंदी को चीनी के साथ खाना ज्यादा उपयोगी होता है।

19. शक्कर-2 चम्मच चीनी और 2 चम्मच घी में लगभग 10 काली मिर्च के दाने मिलाकर रोजाना सुबह खाली पेट चाटने से दिमाग तेज होता है और कमजोरी के कारण होने वाला सिर का दर्द भी ठीक हो जाता है।

20. नमक-  अगर कोई व्यक्ति किसी लंबे रोग के ठीक होने के बाद शरीर में कमजोरी महसूस करे तो उसे गर्म पानी में नमक मिलाकर नहलाने से उसकी कमजोरी दूर हो जाती है।

21. खसखस –

खसखस की खीर बनाकर सेवन करने से शरीर में ताकत बढ़ जाती है।

2 चम्मच खसखस को रात के समय पानी में भिगोकर रख दें। फिर सुबह उठने पर उसे पीसकर उसमें स्वाद के मुताबिक मिश्री मिलाकर पानी में घोलकर लस्सी बनाकर पीने से गर्मी के मौसम में दिमाग ताजा रहता है और गर्मी भी कम लगती है।

खसखस का शर्बत पीना भी काफी लाभदायक होता है।

22. सहजन- सहजन के फूलों की सब्जी का नियमित सेवन करने से शरीर में ताकत बढ़ती है।

23. हींग- भुनी हुई हींग, कालीमिर्च, पीपल और सोंठ को बराबर मात्रा में मिलाकर पीसकर रोजाना चौथाई चम्मच की गर्म पानी से फंकी लेने से शरीर में ताकत बढ़ जाती है।

24. पापड़-  किसी व्यक्ति के किसी खतरनाक रोग से उठने के कारण उसकी भोजन पचाने की क्रिया कमजोर हो जाती है। उस व्यक्ति को भोजन में पापड़ खिलाने से भोजन जल्दी पच जाता है और शरीर में खून ज्यादा मात्रा में बनता है।

25. दूध-

लगभग आधा लीटर दूध में 250 मिलीलीटर गाजर को घिसकर उबालने से और सेवन करने से दूध जल्दी हजम हो जाता है, दस्त साफ आते हैं तथा दूध में आयरन (लोहे) की मात्रा बढ़ जाती है।

1 गिलास दूध में 1 चम्मच देशी घी और लगभग 3 चम्मच शहद मिलाकर रोजाना पीने से शरीर में ताकत, वीर्य और खूबसूरती बढ़ जाती है। इसका नियमित सेवन करने से व्यक्ति को जल्दी से बुढ़ापा भी नहीं आता।

1 गिलास दूध के अन्दर लगभग 15 बीज निकाले हुए मुनक्के डालकर उबाल लें। फिर इस दूध को हल्का सा ठंडा होने पर इसमें 1 चम्मच देशी घी ओर 3 चम्मच शहद डालकर पीने से शरीर का वजन बढ़ जाता है।

तिल और गुड़ को बराबर मात्रा में मिलाकर लड्डू बना लें। इस 1 लड्डू को रोजाना सुबह के समय खाकर दूध पीने से शरीर को ताकत मिलती है तथा दिमागी कमजोरी तथा तनाव समाप्त हो जाते हैं। इससे ज्यादा भारी शारीरिक काम करने पर व्यक्ति की सांस भी नही फूलती है। तिल व्यक्ति पर जल्दी बुढ़ापा आने से रोकता है।

26. बेल-  पके हुए बेल के गूदे को सुखाकर और पीसकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण को एक चम्मच रोजाना फंकी के रूप में गर्म दूध के साथ लेने से सिर्फ 1-2 महीनों में ही शरीर और दिमाग चुस्त-दुरूस्त बन जाता है।

27. बादाम-  रात को सोने से पहले 12 बादाम की गिरियों को पानी में भिगो दें। सुबह इसे पीसकर किसी पीतल की कढ़ाई में घी के साथ सेक लें। सिकते समय इसके लाल होने से पहले ही इसके अन्दर 125 मिलीलीटर दूध डाल दे और इसे गर्म-गर्म ही पी लें। इससे शरीर की कमजोरी दूर होकर शरीर मजबूत बन जाता है।

28. तिल-

तिल और गुड़ को बराबर मात्रा में मिलाकर लड्डू बना लें। इस 1 लड्डू रोजाना सुबह के समय खाकर दूध पीने से शरीर को ताकत मिलती है तथा दिमागी कमजोरी और तनाव समाप्त हो जाते हैं। इससे ज्यादा भारी शारीरिक काम करने पर व्यक्ति की सांस भी नहीं फूलती है। तिल व्यक्ति पर जल्दी बुढ़ापा आने से रोकता है।

भारतीयों में एक त्यौहार आता है संक्राति जिसमें ज्यादातर तिल से बनी हुई चीजें इस्तेमाल की जाती हैं। तिल की चीजें और शरीर पर तिल के तेल की मालिश करने से शरीर की ताकत बढ़ जाती है।

29. अखरोट- अखरोट को खाने से दिमाग तेज होता है। 8 अखरोटों की गिरी, 4 बादामों की गिरी और 10 मुनक्के रोजाना खाकर उसके ऊपर दूध पीने से शरीर में ताकत बढ़ जाती है।

30. गन्ना- गन्ना भोजन को जल्दी हजम कराता है, कब्ज के रोग को ठीक करता है, शरीर को मोटा करता है, इसको खाने से पेट की गर्मी और दिल की जलन समाप्त हो जाती है।

31. अजवाइन- अजवाइन, इलायची, कालीमिर्च और सोंठ को बराबर मात्रा में मिलाकर पीसकर चूर्ण बना लें। इस चूर्ण की आधा चम्मच सुबह और शाम 2 बार पानी के साथ फंकी लेने से शरीर में ताकत पैदा हो जाती है।

32. शहद-

शहद के अंदर विटामिन ए और बी काफी मात्रा में पाये जाते हैं। जिनसे आंखों की रोशनी तेज होती है और शरीर में खून भी ज्यादा बनता है।

शहद के अंदर खून बनाने वाले तत्व होते हैं। शहद भोजन पचाने वाले अंगों में गैस बनने से रोकता है। यह भूख न लगने वाले रोगों को दूर करके भूख को बढ़ाता है।

बच्चों को रोजाना 3 बार शहद चटाने से वे ताकतवर औऱ चुस्त-दुरुस्त बन जाते हैं। इससे बच्चों का स्नायविक संस्थान काफी मजबूत हो जाता है।

गर्म पानी में शहद और नींबू मिलाकर सुबह 1खाली पेट पीने से सारे दिन शरीर में चुस्ती-फुर्ती बनी रहती है।

लंबे समय तक शारीरिक रोग रहने के कारण शरीर में आई हुई कमजोरी को दूर करने के लिए दोपहर का भोजन करने के बाद 1 चम्मच शहद पानी में मिलाकर पीने से लाभ होता है।

33. मेथी- 2 चम्मच दाना मेथी को 1 गिलास पानी में लगभग 5 घंटे तक भिगोने के लिए रख दें। फिर इसको आग पर रखकर इतनी देर तक उबालें कि पानी सिर्फ चौथाई हिस्सा बाकी रह जाए। इसके बाद इसको छानकर इसमें 2 चम्मच शहद मिलाकर रोजाना 1 बार पीने से शरीर में ताकत बढ़ती है।

34. मक्का-

जिस मौसम में मक्के की खेती होती है उस मौसम में मक्के का सिरा और भुट्टा खाने से आमाशय मजबूत बनता है। यह शरीर में खून को भी बढ़ाता है।

*अदरक के पांच ग्राम रस में मधु मिलाकर तीन-चार सप्ताह प्रतिदिन सेवन करने से बहुत लाभ होता हैएवं1के
*37. टमाटर-*
12के
सुबह नाश्ता करते समय एक गिलास टमाटर के रस में थोड़ा सा शहद मिलाकर पीने से चेहरा बिल्कुल टमाटर की तरह लाल हो जाता है।

टमाटर शरीर में जिगर और फेफड़ों को ताकत देता है और याद्दाश्त को तेज करता है। 121टमाटर का सेवन शरीर में से खून की कमी को दूर करके थकावट और कमजोरी को समाप्त कर देता है और चेहरे पर रौनक पैदा करता है।*

टमाटर में तांबे के गुण ज्यादा मात्रा में होते हैं जो खून में मौजूद लाल कणों को बढ़ाते हैं।

टमाटर भूख को तेज करता है और शरीर में ताकत पैदा करता है।

1 बड़ा ताजा लाल टमाटर रोजाना खाने से व्यक्ति के बहुत से रोग दूर हो जाते हैं। टमाटर में लोहे की मात्रा दूध से दोगुनी होती है।

38. चुकन्दर-

चुकन्दर का सेवन करने से स्त्रियों के स्तनों में दूध की बढ़ोत्तरी होती है।

चुकन्दर खाने से जोड़ों का दर्द नष्ट हो जाता है।

चुकन्दर को रोजाना सेवन करने से जिगर मजबूत बनता है और दिमाग तरोताजा रहता है।

39. आलू-बढ़ती हुई उम्र के लोगों के लिए प्रोटीन बहुत जरूरी होता है। आलुओं को खाने से बूढ़े लोगों के शरीर में प्रोटीन की कमी पूरी हो जाती है। आलू के अन्दर मुर्गी के चूजों की ही तरह प्रोटीन होती है।

40. प्याज-

2 चम्मच प्याज के रस को 2 चम्मच शहद में मिलाकर चाटने से लाभ होता है।

2 चम्मच प्याज के रस में थोड़ा सा गुड़ मिलाकर रोजाना 1 बार बच्चों को पिलाने से लाभ होता है।

41. चने-

लगभग 250 ग्राम चनों को रात में सोते समय 1 लीटर पानी में भिगोकर रख दें। सुबह इनको उबालने के लिए रख दें। जब उबलने पर इनका पानी चौथाई हिस्सा बाकी रह जाए तो इसको उतारकर ठंडा करके पीने से शरीर में ताकत बढ़ जाती है।

हरे ताजे चने खाने से शरीर में ताकत की वृद्धि होती है।

42. उड़द-

उड़द खाने में भारी होते हैं। उड़द सबसे ज्यादा गुणकारी भी होती है। उड़द को किसी भी रूप में सेवन करने से शरीर में ताकत बढ़ती है।

रात को सोते समय लगभग 30 ग्राम उड़द की दाल को पानी में भिगों दें। फिर सुबह उठकर इस दाल को पीसकर इसमें दूध और मिश्री मिलाकर पीने से दिल, दिमाग और वीर्य की ताकत बढ़ती है।

जिन लोगों की पाचनशक्ति तेज होती है, उन्हें उड़द का सेवन करना चाहिए।

छिलके वाली उड़द की दाल को खाने से शरीर में मांस की बढ़ोत्तरी होती है।

उड़द की दाल को भिगोकर उसे पीसकर उसमें 1 चम्मच देशी घी, आधा चम्मच शहद मिलाकर चाटे। इसके ऊपर से मिश्री मिला हुआ दूध लगातार सेवन करने से व्यक्ति काफी ताकतवर बन जाता है।

43. मूंग:

मूंग के लड्डू खाने से ताकत बढ जाती है।

काफी समय तक भयंकर रोग से घिरे रहने के बाद ठीक होने पर शरीर में कमजोरी आने पर रोजाना मूंग की दाल खाने से कमजोरी दूर होकर शरीर में ताकत बढ़ जाती है।

कमजोर रोगियों को जिन्हें भोजन में अन्न देना मना हो, उनको साबुत मूंग पानी में उबालकर फिर पानी को छानकर और थोड़ी-थोड़ी देर बाद उस पानी को पीना चाहिए। यह स्वादिष्ट, जल्दी पचने वाला अन्न का रस है जो शरीर को ताकत भी देता है।

44. मूंगफली-

मूंगफली में प्रोटीन, चिकनाई और शर्करा पाई जाती है। इसकी प्रोटीन दूध से मिलती-जुलती हुई होती है और चिकनाई घी से मिलती है।

मूंगफली को खाने से शरीर में दूध, बादाम और घी की कमी पूरी हो जाती है।

मूंगफली खाने से शरीर में गर्मी पैदा हो जाती है, इसलिए यह सर्दी के मौसम में ज्यादा लाभकारी होती है।

मूंगफली आमाशय और फेफड़ों को ताकत देती है।

मूंगफली शरीर को ताकत प्रदान करती है इसलिए रोजाना थोड़ी-थोड़ी मूंगफली खानी चाहिए।

45. ग्वारपाठा- 25 ग्राम ग्वारपाठे का ताजा रस, 12 ग्राम शहद और आधे नींबू का रस मिलाकर रोजाना सुबह-शाम पीने से हर तरह के पेट के रोग दूर हो जाते हैं। ये रस ताकत बढ़ाने वाला भी होता है।

46. लहसुन-

1 लहसुन की गांठ को 3 हिस्सों में करके रोजाना तीनों समय कच्चा ही खाने से शरीर में ताकत बढ़ जाती है।

कच्चा लहसुन खाने से भोजन पचाने की क्रिया तेज हो जाती है।

लहसुन की बदबू और स्वाद चरपरा होने से डरना नहीं चाहिए।

सुबह के समय लहसुन की 4 कलियों को दांतों से चबाकर इसके ऊपर दूध पीने से वीर्य और ताकत बढ़ती है तथा नपुसंकता समाप्त हो जाती है।

सर्दियों के मौसम में रोजाना लहसुन खाना काफी लाभकारी होता है।

1 लहसुन की गांठ को छीलकर हर कली के छोटे-छोटे टुकड़े कर लें। फिर इसको 1 चम्मच घी मे सेंक लें। लहुसन को सेंकते हुए जब उसका रंग बादामी हो जाए तो उसमें बूरा डालकर रोजाना खाने से शरीर में ताकत बढ़ जाती है।

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