आधा शीशी

हमारे शरीर के उत्त मांगो मांगों में मस्तिक प्रधान अंग है, और इसके शिर शूल, सूर्या वर्त अनंतवात मस्तक पीड़ा भ्रू पीड़ा प्रतिशय सन्निपात तथा मानसिक दुर्बलता आदि कठिन रोगों में ग्रस्त हो जाने से हमारे जीवन का सारा कार्य शिथिल पड़ जाता है और साथ ही भयंकर पीड़ा भी सहन करनी पड़ती है अतः … Read more